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जय जगन्नाथ जी! पृथ्वी पर श्रीराम का अवतार मर्यादा का संदेश देने के लिए हुआ था।- यह जानकारी गोस्वामी तुलसीदास
-अशोक पाण्डेय श्रीक्षेत्र,शंखक्षेत्र,मर्त्य बैकुण्ठ,पुरुषोत्तम क्षेत्र कहें या श्रीजगन्नाथ पुरी धाम,यह प्राचीन काल से ही धर्म, दर्शन,साधना,आध्यात्मिक उन्नति, सनातनी संस्कारों और
भगवान पुरुषोत्तम स्वयं अच्छा आचरण करते हैं और उसके उपरांत वे अपने समस्त भक्तों को वैसा आचरण करने का नित्य
विश्व के आध्यात्मिक गुरु स्वामी विवेकानंद जी यह कथन सत्य है: “निर्धनता, अज्ञानता, हीनता को दूर करने में सनातन हिन्दू
अनादिकाल से पुरी धाम में पांच पाण्डव विराजमान हैं जिनकी प्रत्यक्ष उपस्थिति प्रतिवर्ष अक्षय-तृतीया के दिन आयोजित होने वाली भगवान
श्रीक्षेत्र (पुरी) प्राचीन काल से ही धर्म, साधना, आध्यात्मिक उन्नति, विवाह -संस्कार और जीवन के अंतिम दाह-संस्कार का प्रमुख केंद्र
जय जगन्नाथ! मेरा यह व्यक्तिगत अनुभव है कि आपकी सादगी ही आपके व्यक्तित्व का श्रृंगार है और आपकी विनम्रता ही
नकारात्मक सोच से बचें! मनुष्य का मन, मस्तिष्क और बुद्धि पूरी तरह से सकारात्मक और नकारात्मक सोच पर ही आधारित
जय जगन्नाथ! आज जानिए कि वास्तव में युवा कौन है? -जो जगा हो,सजग हो। जो सत्यनिष्ठ हो। जो अपनी सभी
भुवनेश्वरः12 जूनःअशोक पाण्डेयः स्थानीय कीट डीम्ड विश्वविद्यालय में दिनांकः09 जून से 12 जून तक चार दिवसीय एक हिन्दी कार्यक्रम आयोजित





















