Header Ad

Categories

  • No categories

Most Viewed

News

आप में वास्तविक संत के लक्षण की अनुभूति अशोक पाण्डेय करते हैं।

आप में वास्तविक संत के लक्षण की अनुभूति अशोक पाण्डेय करते हैं।

—————— पौराणिक मान्यता के आधार पर संत वह होता है जो अपने इष्टदेव पुरुषोत्तम; जगन्नाथ की रोचक कथा का नित्य
आज पुरुषोत्तम मास/ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है।

आज पुरुषोत्तम मास/ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है।

आज पुरुषोत्तम मास/ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है।ऐसे में, कृतज्ञ बनकर और मन, वचन और कर्म से
मान्यवर,यह पुरुषोत्तम मास है।

मान्यवर,यह पुरुषोत्तम मास है।

मान्यवर,यह पुरुषोत्तम मास है। इसीलिए अपने मन में किसी के प्रति शत्रुता की गांठ न रखें! हो सके तो नारायण
भगवान पुरुषोत्तम की जय हो!

भगवान पुरुषोत्तम की जय हो!

“जीवन में विद्या अर्जन का वास्तविक महत्त्व क्या है?”-अनुचिंतन: अशोक पाण्डेय द्वारा. ——————— वैसे तो भगवान नारायण जी ने नर-नारी
भुवनेश्वर श्रीश्याम मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा पद्मिनी एकादशी को हुई संपन्न

भुवनेश्वर श्रीश्याम मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा पद्मिनी एकादशी को हुई संपन्न

भुवनेश्वरः28 मईःअशोक पाण्डेयः पुरुषोत्तम मास में स्थानीय श्रीश्याम मंदिर सेवा ट्रस्ट,झारपाड़ा के सौजन्य से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का
जगन्नाथ संस्कृति में पंचरात्र क्या है?

जगन्नाथ संस्कृति में पंचरात्र क्या है?

-अनुचिंतन: अशोक पाण्डेय ————— जगन्नाथ संस्कृति ही वास्तविक रूप में ओड़िया संस्कृति है जो भारतीय संस्कृति की पर्याय है। पिछले
रसिक शिरोमणि श्रीकृष्ण भगवान का नाम “अच्युतानंद”किसने दिया ?

रसिक शिरोमणि श्रीकृष्ण भगवान का नाम “अच्युतानंद”किसने दिया ?

जानिए आज मुझसे —————- द्वापर की एक बड़ी रोचक घटना है। शरद पूर्णिमा के शुक्ल पक्ष की मध्यरात्रि थी। चन्द्र
यह पौराणिक और लौकिक शाश्वत सत्य है कि –

यह पौराणिक और लौकिक शाश्वत सत्य है कि –

यह पौराणिक और लौकिक शाश्वत सत्य है कि – भारतवर्ष के अन्यतम धाम श्री जगन्नाथ पुरी धाम के श्रीमंदिर के
आप अपने उद्योग, कारोबार और जगन्नाथ भक्ति के लिए पूर्णतः समर्पित व्यक्तित्व हैं।

आप अपने उद्योग, कारोबार और जगन्नाथ भक्ति के लिए पूर्णतः समर्पित व्यक्तित्व हैं।

आप अपने उद्योग, कारोबार और जगन्नाथ भक्ति के लिए पूर्णतः समर्पित व्यक्तित्व हैं। कर्म ही आपका धर्म है और सेवा
चल रहे पुरुषोत्तम मास में और जगह-जगह पर आयोजित होनेवाली श्रीमद् भागवत कथा के अनुसार :

चल रहे पुरुषोत्तम मास में और जगह-जगह पर आयोजित होनेवाली श्रीमद् भागवत कथा के अनुसार :

——————– संकर्षण हैं-भगवान बलभद्रजी। प्रद्युम्न हैं-देवी सुभद्रा जी। वासुदेव जी हैं -पुरुषोत्तम भगवान जगन्नाथ जी। अनिरुद्ध जी हैं-भगवान सुदर्शन जी।

Forgot Password