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राष्ट्रीय चिन्ता -व-चेतना संस्था का तीन दिवसीय 49वां वर्षा सांस्कृतिक महोत्सव उद्घाटित 

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भुवनेश्वर,25 अगस्त, अशोक पाण्डेय: स्थानीय रवीन्द्र मण्डप सभागार में सायंकाल राष्ट्रीय चिन्ता -व-चेतना संस्था का तीन दिवसीय 49वां वर्षा सांस्कृतिक

आज मंगलवार है।

आज मंगलवार है। मंगल राशि आपके अनुकूल होकर,आपकी भावनाओं को सकारात्मक बनाकर आपको साहसी और कर्मशील बनाए! मान्यवर, समस्त व्यक्तिगत
आज सावन की अंतिम सोमवारी है।

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आज सावन की अंतिम सोमवारी है।आज ओड़िशा समेत भारत के समस्त शिवालयों में भगवान भोलेनाथ के प्रति अटूट आस्था,श्रद्धा, विश्वास
अनुज हिन्दी पुस्तकालय में  मैंने देश को बदलते देखा है और  जीवन के विविध रंग काव्यसंग्रह विमोचित

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भुवनेश्वरः23 अगस्तः अशोक पाण्डेय स्थानीय अनुज हिन्दी पुस्तकालय में सायंकाल मैंने देश को बदलते देखा है औरजीवन के विविध रंग
“सनातन धर्म”

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“सनातन धर्म” सनातन धर्म की स्थापना स्वयं परमात्मा ने की है, कोई व्यक्ति विशेष ने नहीं की है। धार्मिक विशेषज्ञ
जय हो बजरंग बली हनुमान जी की!

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जय हो बजरंग बली हनुमान जी की! आज का दिन बजरंग बली का दिन है जो आपको शारीरिक और आध्यात्मिक
“सनातन धर्म क्या है?”

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“सनातन धर्म क्या है?” आज मुझे एक सद्ग्रंथ “सनातन धर्म”पढ़ने का मौका मिला। इसके अंदर लेखिक : स्वर्गीय विश्वेश्वर नाथ

आज के लिए एक कथा सुनें!

आज के लिए एक कथा सुनें! ———— एक बार शुकदेव जी ने अपने गुरु विदेह राजा जनक को गुरु -दक्षिणा
जय भोलेनाथ! जय जय जगन्नाथ!!

जय भोलेनाथ! जय जय जगन्नाथ!!

जय भोलेनाथ! जय जय जगन्नाथ!! ————— हमारी सकारात्मक सोच के अनुसार ब्रह्म अर्थात् परमात्मा ही सत्य है और नकारात्मक सोच
कठोपनिषद् के अनुसार गुरु- शिष्य को साथ- साथ रहना चाहिए।

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कठोपनिषद् के अनुसार गुरु- शिष्य को साथ- साथ रहना चाहिए।साथ- साथ भोजन करना चाहिए तथा साथ साथ ही सौहार्दपूर्ण वातावरण

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