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-अनुचिंतन: अशोक पाण्डेय ————— जगन्नाथ संस्कृति ही वास्तविक रूप में ओड़िया संस्कृति है जो भारतीय संस्कृति की पर्याय है। पिछले
जानिए आज मुझसे —————- द्वापर की एक बड़ी रोचक घटना है। शरद पूर्णिमा के शुक्ल पक्ष की मध्यरात्रि थी। चन्द्र
यह पौराणिक और लौकिक शाश्वत सत्य है कि – भारतवर्ष के अन्यतम धाम श्री जगन्नाथ पुरी धाम के श्रीमंदिर के
आप अपने उद्योग, कारोबार और जगन्नाथ भक्ति के लिए पूर्णतः समर्पित व्यक्तित्व हैं। कर्म ही आपका धर्म है और सेवा
——————– संकर्षण हैं-भगवान बलभद्रजी। प्रद्युम्न हैं-देवी सुभद्रा जी। वासुदेव जी हैं -पुरुषोत्तम भगवान जगन्नाथ जी। अनिरुद्ध जी हैं-भगवान सुदर्शन जी।
भुवनेश्वर, 23 मई: प्रख्यात शिक्षाविद, समाज सुधारक तथा कीट एवं कीस के संस्थापक प्रोफेसर अच्युत सामंत को रोमानिया के सबसे
——————- आज जानिए : पुरुषोत्तम क्षेत्र श्रीपुरी धाम के पांच पाण्डव कौन-कौन हैं? पांच पाण्डवों में धर्मराज युधिष्ठिर हैं-श्रीयमेश्वर।भीम हैं-श्री
पुरुषोत्तम मास में दर्शन करें श्री पुरी धाम के 145वें पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती महाभाग के निजी पुस्तकालय
इस संसार में सबसे दुर्लभ और उत्तम है; मानव -शरीर । इसमें ही आध्यात्मिक शक्तियां अन्तर निहित हैं। मानसिक शक्तियां
विश्व के सबसे बड़े आदिवासी आवासीय विद्यालय,कीस के विद्यार्थियों ने इस वर्ष आयोजित +2 परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की





















